दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल और रेस्टोरेंट में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब इस मामले ने राजनीतिक रंग लेना शुरू कर दिया है। हादसे में उत्तराखंड के होटलियर शेफ केशव नेगी की गिरफ्तारी को लेकर प्रदेश में लगातार सवाल उठ रहे हैं। इस बीच घनसाली के पूर्व विधायक भीम लाल आर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष जांच और केशव नेगी के साथ न्याय की मांग की है। पूर्व विधायक भीम लाल आर्य ने अपने पत्र में कहा है कि दिल्ली अग्निकांड मामले में उत्तराखंड निवासी केशव नेगी की गिरफ्तारी से प्रदेश के होटल व्यवसायियों और होटल इंडस्ट्री से जुड़े लोगों में भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के होटलियर देश और विदेश में अपनी मेहनत, ईमानदारी और समर्पण के लिए पहचाने जाते हैं। ऐसे में बिना सभी तथ्यों की गहन जांच किए किसी एक व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि दिल्ली के इस दर्दनाक अग्निकांड के वास्तविक जिम्मेदारों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा मामले में गिरफ्तार केशव नेगी को निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित किया जाए। गौरतलब है कि बुधवार को दिल्ली के मालवीय नगर क्षेत्र में स्थित ‘होटल फ्लॉरिस स्टे’ में भीषण आग लग गई थी। इस हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 13 विदेशी नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद प्रशासन ने कई अवैध रूप से संचालित होटल और रेस्टोरेंट के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें सील भी किया।
जांच के दौरान दिल्ली पुलिस ने उत्तराखंड निवासी केशव नेगी को गिरफ्तार किया। बताया गया कि वह होटल के किचन में बतौर शेफ कार्यरत था। पुलिस के अनुसार हादसे वाले दिन किचन में खाना बनाते समय इलेक्ट्रिक स्टोव चालू करते ही तेज धमाका हुआ था। आरोप है कि इसके बाद केशव ने स्थिति की जानकारी अन्य लोगों को नहीं दी और खुद बाहर निकल गया। दिल्ली पुलिस को यह भी संदेह है कि हादसे के दौरान बेसमेंट का शटर गिराने और बिजली की सप्लाई बंद करने में भी उसकी भूमिका हो सकती है। जांच एजेंसियों का मानना है कि बिजली सप्लाई बंद होने के कारण इलेक्ट्रॉनिक दरवाजे लॉक हो गए, जिससे कई लोग अंदर फंस गए।
हालांकि पूछताछ के दौरान केशव नेगी ने यह स्वीकार किया है कि इलेक्ट्रिक स्टोव में धमाका होने के बाद उसने बिजली काटी थी। वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या पूरे मामले में केवल एक कर्मचारी को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है या फिर हादसे के पीछे अन्य प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी चूक भी जिम्मेदार हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। इस बीच उत्तराखंड में केशव नेगी के समर्थन में आवाजें तेज होती जा रही हैं और निष्पक्ष जांच की मांग लगातार उठ रही है।