मोगा में कानून व्यवस्था पर सवाल, केंद्रीय मंत्री को थाने तक नहीं जाने दिया

मोगा के सदर थाने पर हुए ग्रेनेड हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को पुलिस ने बीच रास्ते में रोक दिया। उनके साथ मोगा बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद थे। पुलिस की कार्रवाई के बाद मौके पर कुछ देर के लिए तनाव का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री और पुलिस अधिकारियों के बीच काफी देर तक तीखी बहस हुई। रवनीत सिंह बिट्टू ने पुलिस से उन्हें घटनास्थल तक जाने देने की मांग की, जबकि पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच लंबी बातचीत और बहस देखने को मिली।

ग्रेनेड हमले के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक कड़ी कर दी गई है। पुलिस लगातार मामले की जांच में जुटी हुई है और घटनास्थल के आसपास आम लोगों की आवाजाही पर भी निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने तक सुरक्षा में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। इसी बीच पंजाब में डिजिटल सेवाओं को लेकर एक और मामला सामने आया है। पावरकॉम के एसडीओ चमकौर सिंह और आरए अश्विनी कुमार ने पुष्टि की है कि नई प्रीपेड बिजली प्रणाली में बैलेंस शून्य होने के कारण ऑटो-प्रोसेस के तहत संबंधित सेवा केंद्र का बिजली कनेक्शन स्वतः कट गया। अधिकारियों के अनुसार बकाया राशि जमा कराने के लिए संबंधित कंपनी और उच्चाधिकारियों को लगातार रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं।

बिजली आपूर्ति बंद होने के बावजूद आम लोगों को परेशानी से बचाने के लिए सेवा केंद्र में जेनरेटर के माध्यम से काम जारी रखा गया। केंद्र में तैनात कर्मचारी अमनदीप कौर ने बताया कि बुधवार को बिजली कनेक्शन कटने के बाद भी सभी जरूरी सेवाएं जेनरेटर चलाकर उपलब्ध कराई गईं ताकि लोगों के कार्य प्रभावित न हों। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने निजी कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि सरकारी सेवाओं से जुड़े केंद्र का बिजली कनेक्शन इस तरह कटना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जिम्मेदार कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो। लोगों का कहना है कि सरकार जहां ‘डिजिटल पंजाब’ का दावा कर रही है, वहीं ऐसी घटनाएं इन दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं।

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