मिनी सचिवालय की दीवारों पर रातोंरात लिखे गए नारे, रविवार को प्रशासन को मिली जानकारी – Republic News 24×7

मिनी सचिवालय की दीवारों पर रातोंरात लिखे गए नारे, रविवार को प्रशासन को मिली जानकारी

बठिंडा:- पंजाब के बठिंडा में मिनी सचिवालय की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच दीवारों पर आपत्तिजनक नारे लिखे जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि अज्ञात लोगों ने एसएसपी और डिप्टी कमिश्नर की कोठियों के नजदीक स्थित मिनी सचिवालय की दीवारों पर प्रवासी लोगों के विरोध में नारे लिख दिए।  मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दीवारों पर लिखे नारों के ऊपर कालिख पोत दी। बताया जा रहा है कि ये नारे मिनी सचिवालय के गेट नंबर चार से आगे तक दीवारों पर कई स्थानों पर लिखे गए थे।

रात के अंधेरे में लिखे गए नारे

मिनी सचिवालय के आसपास काम करने वाले लोगों के मुताबिक, यह घटना देर रात की हो सकती है। उनका कहना है कि अज्ञात शरारती तत्वों ने रात के समय दीवारों पर प्रवासी लोगों के खिलाफ नारे लिखे और वहां से चले गए। रविवार होने के कारण मिनी सचिवालय परिसर में आम दिनों की तुलना में लोगों की आवाजाही कम थी। इसी वजह से दीवारों पर लिखे गए नारों की जानकारी प्रशासन को कुछ देर से मिली।

प्रशासन ने तुरंत मिटाए नारे

जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने रविवार को ही दीवारों पर लिखे नारों को कालिख पोतकर ढक दिया। अधिकारियों की ओर से इस मामले में जांच की जा रही है कि आखिर दीवारों पर नारे किसने और किस उद्देश्य से लिखे। मिनी सचिवालय जैसे संवेदनशील प्रशासनिक परिसर के पास इस तरह की घटना सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अब प्रशासन यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि घटना को अंजाम देने वाले लोग कौन थे।

पहले भी लिखे जा चुके हैं खालिस्तान समर्थक नारे

बताया जा रहा है कि यह पहली बार नहीं है जब मिनी सचिवालय की दीवारों पर आपत्तिजनक या विवादित नारे लिखे गए हों। करीब एक वर्ष पहले भी किसी अज्ञात व्यक्ति ने इसी दीवार पर खालिस्तान के समर्थन में नारे लिख दिए थे। लगातार इस तरह की घटनाएं सामने आने के बाद प्रशासन के सामने चुनौती यह है कि संवेदनशील सरकारी परिसरों की सुरक्षा को और मजबूत किया जाए। फिलहाल, ताजा मामले में पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि दीवारों पर नारे लिखने के पीछे किसका हाथ था और इसका वास्तविक उद्देश्य क्या था।

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