पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलह के बीच हाईकमान एक्टिव, बाजवा ने राहुल से की मुलाकात – Republic News 24×7

पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलह के बीच हाईकमान एक्टिव, बाजवा ने राहुल से की मुलाकात

पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान के बीच नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने आज कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। संसद परिसर के बाहर हुई इस मुलाकात के दौरान कांग्रेस संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल भी मौजूद रहे। मुलाकात को पंजाब कांग्रेस में चल रही गुटबाजी और प्रदेश अध्यक्ष को लेकर जारी चर्चाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। इस मुलाकात से एक दिन पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा के घर डिनर पर एक अहम बैठक हुई थी। बैठक में प्रताप सिंह बाजवा के अलावा पूर्व मंत्री परगट सिंह, धर्मवीर गांधी, राणा गुरजीत सिंह समेत चन्नी गुट से जुड़े कई नेता शामिल हुए। पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से अलग-अलग नेताओं के बीच खींचतान देखने को मिल रही है। हाल ही में भूपेश बघेल के पंजाब दौरे के दौरान हुई बैठकों और रैलियों में चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों की ओर से लगाए गए नारों ने पार्टी हाईकमान का ध्यान खींचा है।

सूत्रों के मुताबिक, इन घटनाक्रमों के बाद कांग्रेस हाईकमान पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को लेकर नए सिरे से स्थिति का आकलन कर रहा है। पार्टी नेतृत्व यह जानने की कोशिश कर रहा है कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ता और आम लोग उनके नेतृत्व को किस तरह देखते हैं। इसी के तहत कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब के अलग-अलग जिलों में अपनी टीमें भेजकर फीडबैक लेने की प्रक्रिया शुरू की है। ये टीमें पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों से बातचीत कर प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर राजा वड़िंग के प्रदर्शन और स्वीकार्यता को लेकर राय जुटा रही हैं। बताया जा रहा है कि हाईकमान 25 अगस्त तक इन टीमों से मिलने वाली रिपोर्ट और फीडबैक के आधार पर आगे का फैसला ले सकता है। हालांकि, प्रदेश अध्यक्ष को लेकर अंतिम निर्णय कांग्रेस नेतृत्व की ओर से ही लिया जाएगा। सूत्रों का यह भी दावा है कि हाईकमान तक यह बात पहुंची है कि पार्टी की कुछ बैठकों में चन्नी गुट से जुड़े नेताओं को कथित तौर पर पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। इसके बाद पंजाब कांग्रेस के भीतर असंतोष और गुटबाजी की चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

इसी बीच चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थक नेताओं ने प्रताप सिंह बाजवा को आगे करते हुए हाईकमान तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि चन्नी गुट के कुछ विधायकों समेत कई अन्य नेताओं ने कांग्रेस हाईकमान से मुलाकात के लिए प्रताप बाजवा से संपर्क किया। इसके बाद प्रताप सिंह बाजवा ने राहुल गांधी को पत्र भेजकर मुलाकात का समय मांगा था। अब राहुल गांधी से उनकी मुलाकात के बाद पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। फिलहाल कांग्रेस हाईकमान के सामने पंजाब में संगठन को मजबूत रखने के साथ-साथ अलग-अलग गुटों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है। आने वाले दिनों में जिलों से मिलने वाली रिपोर्ट और शीर्ष नेतृत्व की बैठकों के बाद यह साफ हो सकता है कि पार्टी पंजाब कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर क्या रणनीति अपनाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *