आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त रणनीतियों पर जोर, भारत-कजाकिस्तान का सैन्य अभ्यास

भारत-कजाकिस्तान का संयुक्त सैन्य अभ्यास उत्तराखंड में जारी है। इसके तहत दोनों देशों की सेना के जवानों ने शुक्रवार को गौचर हवाई पट्टी पर सैन्य अभ्यास किया। इस दौरान दोनों देश के सैनिकों ने अपनी तकनीकी और सैन्य अनुभवों को साझा किया। बता दें कि भारत और कजाकिस्तान की सेना 20 सितंबर से औली में संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रही हैं। ‘काजिद – 2024’ नाम से चलाए जा रहे इस सैन्य अभ्यास का उद्देश्य आतंकवाद विरोधी अभियान चलाने के लिए दोनों पक्षों की संयुक्त सैन्य क्षमता को बढ़ाना है।
इसी के तहत जवान सैन्य अभ्यास के लिए वायुसेना के विमान से औली से गौचर हवाई पट्टी पहुंचे और करीब दो घंटे तक यहां सैन्य अभ्यास किया। यह सैन्य अभ्यास अर्धशहरी और पहाड़ी इलाकों में की जाने वाली कार्यवाही पर केंद्रित है । सैन्य अभ्यास के तहत जवानों ने पैराशूट से हैलीपैड लैंडिंग स्थल की सुरक्षा व निगरानी करने, उच्च स्तर की शारीरिक फिटनेस बनाए रखनें, विशेष हेलीबोर्न ऑपरेशन, घेराव व तलाशी अभियान चलाने तथा आतंकवादी कार्रवाई के खिलाफ संयुक्त जवाब देने आदि की रणनीति और तकनीकी अनुभवों को साझा किया।
सेना के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2016 से प्रतिवर्ष आयोजित हो रहे इस संयुक्त सैन्य अभ्यास में इस बार करीब 120 जवान भाग ले रहे हैं। इसमें कुमाऊं रेजिमेंट की एक बटालियन और कजाकिस्तान के 60 सैन्य कर्मियों को मिलाकर भारतीय वायुसेना, थल सेना और एयरबोर्न असॉल्ट शामिल हैं । दोनों देशों का यह संयुक्त सैन्य अभ्यास 13 अक्टूबर तक जारी रहेगा ।

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