कपाट खोलने से पहले मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी, जिसमें पुजारी, तीर्थ पुरोहित और मंदिर समिति के अधिकारी उपस्थित रहेंगे। पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार भगवान बद्री विशाल को पंचामृत स्नान कराया जाएगा और भव्य श्रृंगार के साथ प्रथम आरती की जाएगी।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं:
उत्तराखंड सरकार और चारधाम यात्रा प्रबंधन समिति ने यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं। भीड़ नियंत्रण, स्वास्थ्य सुविधाएं, आवास व्यवस्था और यात्रा मार्गों की निगरानी के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है।
चारधाम यात्रा का महत्व:
बद्रीनाथ धाम हिंदू धर्म के चारधामों में से एक है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यह यात्रा न केवल आध्यात्मिक महत्व रखती है बल्कि धार्मिक आस्था का भी प्रतीक है।
बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही आधिकारिक रूप से चारधाम यात्रा का शुभारंभ हो जाएगा, जो अक्टूबर-नवंबर तक चलती है। इस बार श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है क्योंकि कोविड-19 के प्रतिबंधों के बाद यह यात्रा सामान्य रूप से आयोजित की जा रही है।
महत्वपूर्ण जानकारी:
कपाट खुलने की तिथि: 4 मई 2025
समय: प्रातः 6 बजे
स्थान: बद्रीनाथ धाम, उत्तराखंड
श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे यात्रा के दौरान सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशानिर्देशों का ध्यान रखें ताकि उनकी यात्रा सुखद और सुरक्षित बनी रहे।